देहरादून: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार 4 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड के पांच पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज झोंकेदार हवाओं (40-50 किमी/घंटा, जो बढ़कर 60 किमी/घंटा तक) की संभावना जताई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
प्रभावित जनपदों में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और ओले गिरने की आशंका है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून ने मौसम विभाग के अलर्ट के मद्देनजर सभी संबंधित जनपदों को सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। पत्र में पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को प्रतिबंधित रखने, संवेदनशील इलाकों में आवागमन नियंत्रित करने और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है।
अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने, मोटर मार्ग बाधित होने पर तुरंत बहाली सुनिश्चित करने तथा राजस्व, ग्राम विकास और पंचायत अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। थानों और चैकियों में आपदा प्रबंधन उपकरण तथा वायरलेस सिस्टम तैयार रखने, अधिकारियों के मोबाइल हमेशा ऑन रखने और बरसाती, टॉर्च, हेलमेट जैसी जरूरी चीजें साथ रखने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित करने तथा नालियों और कल्वर्ट साफ रखकर जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया गया है। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में खाद्य सामग्री और चिकित्सा सुविधा की तत्काल व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली 4 अप्रैल को अपनी चरम पर होगी। आमजन से अपील है कि गरज-चमक के दौरान खुले में न रहें, पेड़ों के नीचे आश्रय न लें और प्रशासन की सलाह का पालन करें।
