तर्पालीसैंण में शिक्षा का बड़ा तोहफा! कक्षा 6 से 12 तक के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें सौंपी गईं

तर्पालीसैंण (पौड़ी गढ़वाल): नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की दहलीज पर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के तर्पालीसैंण क्षेत्र में शिक्षा के मोर्चे पर एक जोरदार सकारात्मक खबर आई है। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज तर्पालीसैंण में आज कक्षा 6 से 12 तक के सैकड़ों उत्साहित छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें वितरित कर दी गईं।

यह कार्यक्रम उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत आयोजित किया गया, जिसमें पूरे प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को 1 अप्रैल 2026 से मुफ्त किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह पहल अभिभावकों और छात्रों दोनों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

ब्लॉक प्रमुख सुनीता रावत ने किया वितरण थलीसैंण ब्लॉक प्रमुख  सुनीता रावत ने खुद कॉलेज पहुंचकर छात्र-छात्राओं को नई पाठ्यपुस्तकें सौंपीं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही उनके सपनों को साकार करने का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने और शैक्षणिक विकास को गति देने पर जोर दिया।

प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति कार्यक्रम में साधन सहकारी समिति तर्पालीसैंण के अध्यक्ष दीपक चंद त्रिपाठी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने वितरण व्यवस्था को सुचारू और प्रभावी बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।प्रधानाचार्य मंजू मेटवाल का बयान पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य श्रीमती मंजू मेटवाल ने बताया, “सभी पाठ्यपुस्तकें उच्च गुणवत्ता वाली हैं और इन्हें शिक्षकों तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई पाठ्यक्रम आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया गया है। पुस्तकें समय पर वितरित कर दी गई हैं, जिससे नया शैक्षणिक सत्र बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से शुरू हो सकेगा।”

वितरण के दौरान कॉलेज के सभी अध्यापक-अध्यापिकाएं मौजूद रहीं और उन्होंने पूरे कार्यक्रम को बेहद अनुशासित एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया।

समग्र शिक्षा अभियान: विस्तार से यह निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan) का अहम हिस्सा है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में शुरू की गई यह केंद्र प्रायोजित एकीकृत योजना पूर्व में चल रही तीन अलग-अलग योजनाओं — सर्व शिक्षा अभियान (SSA), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMSA) और शिक्षक शिक्षा — को एक छत्र के नीचे लाती है।

समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य प्री-प्राइमरी (पूर्व प्राथमिक) से लेकर सीनियर सेकेंडरी (कक्षा 12) तक समावेशी, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 90:10 के अनुपात में है।

अभियान के प्रमुख उद्देश्य:

  • सभी बच्चों को स्कूल शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना
  • सामाजिक और लैंगिक अंतरों को कम करना
  • समानता और समावेशिता को बढ़ावा देना
  • शिक्षा की गुणवत्ता और अधिगम परिणामों को सुधारना
  • शिक्षकों का निरंतर व्यावसायिक विकास
  • व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) को प्रोत्साहन
  • RTE अधिनियम 2009 का प्रभावी क्रियान्वयन
  • डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लासरूम और प्रौद्योगिकी का उपयोग
  • बुनियादी सुविधाओं (इंफ्रास्ट्रक्चर) का विकास

इस योजना के तहत निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, वर्दी, छात्रवृत्ति और अन्य RTE entitlements प्रदान किए जाते हैं। खासकर ग्रामीण, दूरदराज और शिक्षा रूप से पिछड़े क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जाती है। उत्तराखंड में यह अभियान गुणवत्तापरक शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल पहलों पर विशेष फोकस कर रहा है।

इस पहल से न केवल अभिभावकों पर किताबों का आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि छात्र बिना किसी चिंता के पूरी निष्ठा से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज तर्पालीसैंण जैसे संस्थान इस तरह की योजनाओं से छात्रों के बीच शिक्षा के प्रति उत्साह और लगन को और बढ़ावा दे रहे हैं।

यह कदम न सिर्फ छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को मजबूत बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

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