देहरादून: जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग की शिकायतों पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त रुख अपनाया है। ऋषिकेश के बनखण्डी क्षेत्र में एक वाहन (UK14CA-6186) में अवैध गैस रिफिलिंग का मामला सामने आने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) ने मामले की जांच की। उक्त वाहन ऋषिकेश स्थित अंकुर गैस एजेंसी, प्रगतिविहार से जुड़ा पाया गया। जांच में पता चला कि वाहन चालक योगेन्द्र कुमार और उसके सहयोगी आशीष के पास कोई वैध नियुक्ति या सत्यापन अभिलेख नहीं थे, जिससे एजेंसी की भूमिका संदिग्ध मानी गई। एजेंसी प्रबंधन ने दोनों कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है।
आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। अवैध भंडारण, कालाबाजारी और रिफिलिंग दंडनीय अपराध है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी गैस एजेंसियों को सख्त चेतावनी जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि वे अपने समस्त कार्मिकों का सत्यापन सुनिश्चित करें तथा वितरण प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ संचालित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समस्त QRT टीमों को सतर्क रहने और गैस एजेंसियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय है। शिकायत दर्ज करने के लिए नंबर जारी किए गए हैं — 1077, 0135-2626066, 0135-2726066 और व्हाट्सएप 7534826066।
आज जिले में लगभग 16,275 घरेलू और 817 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। घरेलू एलपीजी का स्टॉक 28,937 तथा व्यावसायिक का 4,745 उपलब्ध है। जिला प्रशासन लगातार आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार की खिलवाड़ सहन नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
