ऑपरेशन क्रैकडाउन: फर्जी दस्तावेजों पर रह रहीं 3 विदेशी महिलाएं गिरफ्तार

देहरादून: पुलिस के ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शहर में रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें किर्गिस्तान की इरिका और उज्बेकिस्तान की करीना व निगोरा शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं में एक किर्गिस्तान और दो उज़्बेकिस्तान की रहने वाली हैं। इनमें से एक महिला वैध वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से देश में रह रही थी।
वीजा खत्म, फिर भी देश में रह रही थी
जांच में सामने आया कि किर्गिस्तान की रहने वाली महिला वर्ष 2023 में एक साल के वीजा पर भारत आई थी। वीजा खत्म होने के बाद भी वह वापस नहीं गई और अवैध रूप से यहीं रह रही थी। सत्यापन अभियान के दौरान उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया।
नेपाल बॉर्डर से घुसकर रायपुर में ठिकाना
दो अन्य महिलाएं उज़्बेकिस्तान की हैं, जो नेपाल के रास्ते अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुई थीं। ये दोनों देहरादून के रायपुर क्षेत्र में रह रही थीं। सत्यापन के दौरान पुलिस को इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद पूछताछ में सच्चाई सामने आई।
पहले भी हो चुकी गिरफ्तारी, फिर बदला ठिकाना
पुलिस के मुताबिक, उज़्बेकिस्तान की एक महिला को पहले बिहार पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने अपना ठिकाना बदल लिया और देहरादून में आकर रहने लगी।
फर्जी दस्तावेज और विदेशी करेंसी बरामद
तीनों महिलाओं के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, स्टेट बैंक की पासबुक, विदेशी करेंसी और किर्गिस्तान व उज़्बेकिस्तान के पासपोर्ट बरामद हुए हैं। पुलिस दस्तावेजों की सत्यता और इनके नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।
पूछताछ में महिलाओं ने अपने नाम इरिका, करीना और निगोरा नीम बताए। इरिका किर्गिस्तान की रहने वाली है, जबकि करीना और निगोरा उज़्बेकिस्तान की निवासी हैं। करीना और निगोरा ने बताया कि वे वर्ष 2022 और 2023 में नेपाल बॉर्डर के जरिए भारत में दाखिल हुई थीं और दिल्ली समेत कई स्थानों पर रह चुकी हैं।
तीनों की आपस में मुलाकात दिल्ली में हुई थी और उन्होंने अपने परिचितों की मदद से फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाए थे। एसएसपी के अनुसार, निगोरा को पहले भी बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जमानत पर रिहा होने के बाद भी वह अपने देश वापस नहीं गई।
पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *