CM हेल्पलाइन की फोर्स क्लोज शिकायत की डीएम ने मौके पर जांची हकीकत

  • 15 अक्टूबर तक जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश
  • बिना अनुमति सड़क खुदाई पर कार्रवाई की चेतावनी
  • शिकायतकर्ता से फोन पर जानी संतुष्टि की वास्तविक स्थिति

देहरादून: जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों  के निस्तारण एवं सड़कों की वास्तविक स्थिति परखने के लिए चकराता रोड, जीएमएस रोड एवं शिमला बाईपास रोड का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर सड़कों की स्थिति, संचालित कार्यों की प्रगति तथा शिकायतों के निस्तारण की धरातलीय स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर यह भी जाना कि विभाग द्वारा शिकायत के निस्तारण के संबंध में दी गई जानकारी वास्तविक रूप से धरातल पर कितनी प्रभावी है।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर फोर्स क्लोज की गई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि केवल पोर्टल पर शिकायत को बंद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायत का वास्तविक एवं संतोषजनक निस्तारण धरातल पर सुनिश्चित होना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेहूंवाला क्षेत्र में शिमला बाईपास रोड पर जगह-जगह गड्ढे पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को तत्काल गड्ढों को भरते हुए सड़क को सुचारु एवं सुरक्षित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क की गुणवत्ता एवं आवागमन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिमला बाईपास चौक से सेंट जूड्स स्कूल होते हुए कमला पैलेस तक मार्ग की खराब स्थिति से संबंधित शिकायत का स्थलीय निरीक्षण किया। यह शिकायत शिकायतकर्ता पूजा भटगाईं द्वारा दर्ज की गई थी, जिसे विभाग द्वारा शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर फोर्स क्लोज किया जाना दर्शाया गया था। जिलाधिकारी ने मौके पर सड़क की स्थिति का निरीक्षण करने के साथ ही शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता कर शिकायत के निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानी। संबंधित अधिकारियों ने अवगत कराया कि उक्त मार्ग पर सड़क रिस्टोरेशन का कार्य अगले दिन से प्रारंभ किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कार्य में किसी प्रकार की देरी न करने तथा निर्धारित समय में सड़क को ठीक करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान चकराता रोड पर बिना अनुमति दिन के समय सड़क खुदाई किए जाने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित एडीबी अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़क खुदाई एवं निर्माण कार्य निर्धारित अनुमति, मानकों एवं शर्तों के अनुरूप ही किए जाएं। आमजन के आवागमन को बाधित करने वाले अथवा बिना अनुमति किए जाने वाले कार्यों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने जीएमएस रोड से आईटीबीपी सीमाद्वार की ओर जाने वाले मार्ग का निरीक्षण किया। होटल सन पार्क इन एवं राकवैली रेजीडेंसी के समीप पूर्व में जलभराव वाले स्थल का भी जायजा लिया। उन्होंने मौके पर किए गए सुधार कार्यों की स्थिति देखी तथा क्षेत्रवासियों से वार्ता कर समस्या के समाधान के संबंध में जानकारी ली। क्षेत्र में सड़क पर जलभराव वाले स्थानों पर टाइल लगाए जाने तथा नालियों की सफाई का कार्य किया गया है। संबंधित लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जीएमएस रोड से सीमाद्वार तक सड़क के सुधार एवं निर्माण कार्य के लिए लगभग रू0 4 करोड़ धराशि से पूर्ण किए जाएगें जिसकी डीपीआर शासन को भेजी गई है। जिलाधिकारी ने क्षेत्रवासियों से सड़क, जलभराव एवं अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी भी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर  से पूर्व जिले की सड़कों को गड्डामुक्त किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सड़क की खुदाई, निर्माण सामग्री रखने अथवा सड़क पर कार्य करने से पहले नियमानुसार अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना अनुमति सड़क की खुदाई, निर्माण सामग्री का अनधिकृत भंडारण अथवा सड़क को क्षतिग्रस्त करने की स्थिति पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि वे अनुमति एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य पूर्ण करें तथा कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क की स्थिति को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद न किया जाए, बल्कि मौके पर जाकर शिकायत के वास्तविक समाधान की पुष्टि की जाए।
निरीक्षण के दौरान एसई लोनिवि ओमपाल सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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