कांवड़ मेले में बड़ा हादसा टला, SDRF ने 21 कांवड़ियों को डूबने से बचाया

हरिद्वार: कांवड़ मेले के दौरान गंगा घाटों पर बढ़ती भीड़ और तेज बहाव के बीच SDRF की टीमें लगातार मुस्तैदी से रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। रविवार को अलग-अलग घाटों पर स्नान के दौरान गंगा के तेज बहाव में फंसे 21 कांवड़ियों को SDRF जवानों ने समय रहते रेस्क्यू कर सुरक्षित बचा लिया। टीमों की त्वरित कार्रवाई से कई संभावित हादसे टल गए।

कांवड़ मेले के चलते हरिद्वार और आसपास के प्रमुख गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने और तेज बहाव की चपेट में आने की घटनाओं को देखते हुए SDRF की टीमें संवेदनशील घाटों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। रविवार को भी जवानों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया ने कई कांवड़ियों की जान बचाई।

कांगड़ा घाट पर 17 कांवड़ियों का रेस्क्यू

हरिद्वार के कांगड़ा घाट पर स्नान के दौरान गंगा के तेज बहाव में 17 कांवड़िए फंस गए। सूचना मिलते ही SDRF टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी 17 कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।प्रेम नगर घाट पर तीन कांवड़ियों को बचाया

प्रेम नगर घाट पर भी स्नान के दौरान तीन कांवड़िए गंगा के तेज बहाव की चपेट में आ गए। सूचना मिलने पर SDRF टीम तत्काल सक्रिय हुई और बचाव अभियान चलाकर तीनों कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

नीलकंठ मेला क्षेत्र में भी रेस्क्यू

नीलकंठ मेला क्षेत्र में भी स्नान के दौरान एक कांवड़िया गंगा के तेज बहाव में फंस गया। SDRF जवानों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया और कांवड़िए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घाटों पर लगातार निगरानी

कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार समेत प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए SDRF की टीमें लगातार तैनात हैं। गंगा के तेज बहाव और जलस्तर में संभावित उतार-चढ़ाव को देखते हुए जवान घाटों पर निगरानी के साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान के लिए लगातार सतर्क कर रहे हैं।

रविवार को SDRF द्वारा किए गए रेस्क्यू में कांगड़ा घाट से 17, प्रेम नगर घाट से 3 और नीलकंठ मेला क्षेत्र से 1 कांवड़िया, यानी कुल 21 कांवड़ियों को सुरक्षित बचाया गया।

कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच गंगा घाटों पर सुरक्षा प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में प्रशिक्षित SDRF टीमों की संवेदनशील स्थानों पर तैनाती और त्वरित प्रतिक्रिया किसी भी आपात स्थिति में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। SDRF की सतर्कता ने एक बार फिर साबित किया कि कांवड़ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में प्रशिक्षित बचाव दलों की मौजूदगी कितनी जरूरी है।

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