प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर) का औपचारिक लोकार्पण कर दिया। इस छह लेन वाले 210-213 किलोमीटर लंबे आधुनिक एक्सप्रेसवे से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय 6-7 घंटे से घटकर मात्र 2.5 घंटे रह जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकार्पण से पहले सहारनपुर में रोड शो किया और देहरादून के निकट डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस परियोजना को उत्तराखंड के लिए ‘विकास का बड़ा तोहफा’ बताया जा रहा है।

केंद्र और उत्तराखंड सरकार के समन्वित प्रयासों से राज्य में पिछले चार वर्षों में विकास कार्यों ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ की सरकार ने कई बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारा है। वर्तमान में केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।

सड़क, रेल, हवाई और पर्यटन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए ऑल वेदर रोड परियोजना तेज गति से आगे बढ़ रही है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के चालू होने से प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा। इसके अलावा सितारगंज-टनकपुर, पौंटा साहिब-देहरादून, भानियावाला-ऋषिकेश, काठगोदाम-लालकुआं-हल्द्वानी बाईपास और रूद्रपुर बाईपास जैसे कई अन्य सड़क प्रोजेक्ट विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।रेल क्षेत्र में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन तेजी से पूर्णता की ओर बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने 48 हजार करोड़ रुपये की टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। साथ ही प्रदेश के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तार किया गया। उड़ान योजना के तहत 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पर हवाई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। गौचर, श्रीनगर, चिन्यालीसौड़, हल्द्वानी, मुन्स्यारी, पिथौरागढ़ समेत कई शहरों को हवाई सेवा से जोड़ा गया है। हेलीपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 7 हो गई है, जबकि हेलीपैड 60 से बढ़कर 118 हो चुके हैं।रोपवे विकास में भी तेजी आई है। पर्वतमाला परियोजना के तहत रानीबाग-नैनीताल, पंचकोटी-नई टिहरी, खलियाटॉप-मुन्स्यारी, हरकी पौड़ी-चंडी देवी, ऋषिकेश-नीलकंठ महादेव और औली-गौरसों जैसे रोपवे प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। गौरीकुंड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब रोपवे शीघ्र शुरू होने वाले हैं।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास कार्य तेजी से चल रहा है। मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कुमाऊं के मंदिरों का विकास हो रहा है। ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का राफ्टिंग प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है, जिससे पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

जल संसाधन क्षेत्र में जमरानी, सौंग और लखवाड़ बांध परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जो हल्द्वानी और देहरादून की पेयजल तथा सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेंगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में किच्छा में एम्स सेटेलाइट सेंटर बन रहा है और एम्स ऋषिकेश में देश की पहली हेली एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है।

शिक्षा में 226 विद्यालयों को पीएम विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक विकास के लिए उधम सिंह नगर में स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाई जा रही है। सीमांत क्षेत्रों में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

यह सभी परियोजनाएं उत्तराखंड को एक मजबूत, समृद्ध और सुगम राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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