सीखने की जिज्ञासा ही बनाती है सफल विधि विशेषज्ञ

  • ग्राफिक एरा में स्कूल ऑफ लॉ का इंडक्शन प्रोग्राम शुरू

देहरादून: उत्तराखंड हाई कोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार जनरल श्री वी. के. महेश्वरी ने कहा कि विधि का पेशा ऐसा क्षेत्र है, जहां सीखने की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती। एक सफल विधि विशेषज्ञ वही बनता है, जो हर अनुभव, हर संवाद और हर अवसर से कुछ नया सीखने की जिज्ञासा बनाए रखता है।

वह आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ लॉ के इंडक्शन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि अपनी शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखें, बल्कि विचार-विमर्श, तर्कपूर्ण चर्चाओं और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी करें। इससे न केवल उनका ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि व्यक्तित्व का भी समग्र विकास होगा।

गढ़वाल मंडल के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उप आयुक्त श्री राजेंद्र रावत ने कहा कि विधि के क्षेत्र में छात्र छात्राओं के लिए असीमित अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि कानून की पढ़ाई करने वाले युवा ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं, बशर्ते वे मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करें। कर्नल (से.नि.) भास्कर भारती ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया ।

इंडक्शन प्रोग्राम में नए छात्र-छात्राओं में कानून की दुनिया में पहला कदम रखने का उत्साह साफ़ दिखाई दिया। शुरुआती झिझक के बावजूद उन्होंने आइस-ब्रेकिंग और इंटरैक्टिव गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, एक-दूसरे से परिचय किया, नए मित्र बनाए और फैकल्टी  से खुलकर बातचीत की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विधि शिक्षा की नई यात्रा, मूट कोर्ट, वाद-विवाद और कानूनी अध्ययन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जाना। साथ ही उन्होंने तर्क, न्याय और नेतृत्व से जुड़ी अपनी नई यात्रा की पहली झलक देखी। कार्यक्रम में डिपार्टमेंट हेड डा. आशुतोष हजेला के साथ डा. शैलजा ठाकुर और अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *